पिछली फडणवीस सरकार के हाइपरलूप प्रोजेक्ट पर उद्धव सरकार ने लगाई रोक, कहा- 'पहले विदेश में सफल हो'

जागरूक टाइम्स 398 Jan 18, 2020

पुणे (ईएमएस)। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने पिछली भाजपा की देवेंद्र फडणवीस सरकार के एक और प्रोजेक्ट पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुंबई से पुणे के बीच प्रस्तावित हाइपरलूप तकनीक के इस्तेमाल को लेकर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को बताया है कि राज्य सरकार दूसरे देशों में इसकी व्यावहरिकता को देखेगी। इसके बाद ही इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा। पवार ने यह बात अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद यह जानकारी दी। ज्ञात हो कि भाजपा के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने मुंबई से पुणे के बीच हाइपरलूप सेवा शुरू करने की घोषणा की थी जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में लगने वाले समय में काफी कमी आती।

पवार से जब पूछा गया कि क्या शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)- कांग्रेस इस परियोजना को रद्द करने पर विचार कर रही है? पवार ने कहा, 'मैंने ऐसा नहीं कहा।' राज्य का वित्त विभाग भी देख रहे पवार से जब इस परियोजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक दुनिया में कहीं भी इस तकनीक का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, 'इसे कहीं लागू होने दीजिए, विदेश में कम से कम 10 किलोमीटर की दूरी के रूट में सफल होने दीजिए।' उन्होंने कहा, 'हाइपरलूप से प्रयोग करने की हमारी क्षमता नहीं है। इस बीच हम यातायात के अन्य तरीकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे अगर विदेश में यह तकनीक सफल होगी तो हम इस पर विचार करेंगे।' बता दें कि उद्योगपति इलॉन मस्क ने साल 2012 में हाइपरलूप का विचार पेश किया था। यह ट्यूब आधारित तकनीक है जिसमें हवा के अवरोध के अभाव में गाड़ियां तेज रफ्तार से चलती हैं। वहीं, मौजूदा सरकार पहले अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर ब्रेक लगा चुकी है।

सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता किसानों और गरीबी को लेकर है। पिछली सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ डॉलर के प्लान को अगस्त में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट स्टेटस दे दिया था जिससे इसके लिए फास्ट ट्रैकिंग जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया था। इसके लिए रिचर्ड ब्रांसन के वर्जिन ग्रुप ने प्रस्ताव दिया था। सरकार के फैसले के बाद रिचर्ड ने उद्धव से उनके निवास मातोश्री पर मुलाकात भी की। एक दिन पहले उन्होंने यह ऐलान भी किया था कि उनका ग्रुप राज्य पर किसी फंडिंग के लिए निर्भर नहीं रहेगा।


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