जालौर में शराब विक्रेताओं ने मुख्यमंत्री का नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

जागरूक टाइम्स 456 Feb 18, 2020

जालोर. जिले के शराब विक्रेताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि राजस्थान सरकार के आबकारी विभाग द्वारा सत्र 2020-21 में जो शराब पॉलिसी निर्धारित की है वो ठेकेदारों के हक के खिलाफ है।इसलिए समस्त शराब ठेकेदार संघ राजस्थान ने लामबंद होकर विरोध करने वह फार्म न लगाने का निर्णय लिया है ,सरकार द्वारा जो पॉलिसी निकाली गई है। इसमें शराब कारोबारी इस पॉलिसी के तहत कारोबार करने में असक्षम है। ऐसे में जालौर के सभी शराब ठेकेदारों ने पॉलिसी का बहिष्कार किया है साथ ही ठेकेदारों ने कई मांगे रखी है।

ठेकेदारों ने ज्ञापन में बताया कि देसी व कम अपोजिट दुकानों के आरएलएम 25 यूपी की 13% गारंटी को खत्म करके स्वेच्छा से किया जाए। इसी प्रकार देसी मदिरा में एमआरपी को खत्म करके गारंटी कम की जाए। ठेकेदार का कमीशन 10% से बढ़ाकर 20% किया जाए। पॉलिसी में कमीशन के बारे में स्पष्ट किया जाए । शराब की दुकानों पर सिविल पुलिस का हस्तक्षेप कम किया जाए। 58 सी का प्रावधान यथावत रखा जाए। शराब की दुकान खुलने का समय रात को 8:00 बजे के बजाय 10:00 बजे तक किया जाए। देसी शराब की परमिट फीस ₹100 रखी जाए।

देसी शराब की दुकान वर्ष 2020- 21 के आधार पर 15% के आधार से देसी दुकानों की गारंटी बनाई जानी चाहिए । जबकि वास्तविकता में ही पूरे राजस्थान में देसी मदिरा की दुकानों को 41% से 100% तक बढ़ाया गया है। यह पॉलिसी ठेकेदारों को भ्रमित करके किया गया है , जो कि सरकार की नीति के तहत गलत है ऐसे में ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री गहलोत से निवेदन किया है कि निर्धारित शराब नीति को लागू करके ठेकेदारी को संतुष्ट किया जाए। साथ ही सरकार नई शराब नीति में बदलाव नहीं करती है तो हम सब इसका पुरजोर विरोध करेंगे।


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