पाली में तीन कारों में पहुंचे 32 से अधिक अहमदाबाद से यात्री

जागरूक टाइम्स 522 Mar 28, 2020

पाली। जिलेभर में कोरोना वायरस को लेकर चिकित्सा और जिला प्रशासन की ओर से सख्ती बरतते हुए आमजन को घर से बाहर ना निकलकर लॉक डाउन के आदेशों की पालना करने को कह रही है, वही जिला पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी के दिशा-निर्देश पर जिले की सीमा को सील करते हुए नाकाबंदी की गई है, लेकिन नाकाबंदी पर तैनात पुलिसकर्मी सिर्फ गप्पे हांकने को दिखाई दे रहे हैं या फिर लोगों को डंडे बरसाने का काम कर रहे हैं दूरदराज से आ रहे वाहनों को बिना रोक-टोक के निकाला जा रहा है। इनकी गलती को जिले को भुगतना भी पड़ सकता है।

शुक्रवार को पाली सीमा के अंदर गुजरात से आए तीन वाहनों में भरकर 32 लोग पहुंच गए। नाकाबंदी के बाद भी एक भी पुलिसकर्मी ने उन्हें रोककर जानकारी नहीं ली इससे लगता है कि पुलिसकर्मी प्वाइंटों पर बैठकर नाम मात्र की नाकाबंदी करने में लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर जोधपुर श्रमिकों का ट्रक भरकर सदर इलाके तक पहुंच गया था पुलिस ने जब उसे रोका तो ट्रक चालक छोड़कर भाग गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के मस्ताना बाबा के तिराहे पर नाकाबंदी के दौरान 3 कार को रोका गया। जिसमें 32 लोग अहमदाबाद के पाए गए। सभी लोग गुजरात अहमदाबाद से आए हुए थे, जिसमें से कुछ लोग रोहिट क्षेत्र के और कुछ औद्योगिक थाना क्षेत्र के निकले।

इन लोगों के आने की सूचना पर तुरंत रूप से उपखंड अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर, सीओ सिटी नारायण दान, कोतवाली थाना प्रभारी गौतम जैन व औद्योगिक थाना प्रभारी सवाई सिंह भी मौके पर पहुंचे। उसके बाद चिकित्सा टीम को सूचना दी गई। सभी की स्कैनिंग करते हुए सोडियम हाइड्रोक्लोराइड का छिड़काव भी किया गया। इस तरह की गलती को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने सख्ती बरती और वायरलेस पर मैसेज भेज कर कहा कि क्षेत्र से लोग पाली की सीमा में होकर आ रहे हैं, लेकिन नाकाबंदी नहीं की जा रही है यदि कोई भी बाहर से आ रहा है उसकी सूचना तुरंत रूप से कंट्रोल रूम में दी जाए ताकि मुझ तक पहुंचे।

जबकि अधिक संख्या में लोग सिरोही सीमा से होते हुए पाली की ओर बढ़ रहे हैं। यदि सूचना नहीं मिली तो मैं तुरंत रूप से संबंधित थाना के एसएचओ को तुरंत रूप से निलंबित कर दूंगा। पुलिस की नाकाबंदी को देखने से मिलता है कि मात्र औपचारिक्ता की नाकाबंदी कर अपनी ड्यूटी बजा रहे हैं। पुलिस इसी तरह अपनी ड्यूटी बजाती रही तो लगता है कि भीलवाड़ा के बाद पाली का नंबर भी आ सकता है। इन पुलिसकर्मियों की एक गलती का खामियाजा पूरे जिले को भी उठाना पड़ सकता है। जब तक पुलिस अधीक्षक कोटोकी अपने ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतते इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन नहीं लेंगे तब तक लॉक डाउन की पालना करवाने वाला महकमे में हलचल नहीं हो पाएगी।



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