निडर नारी को सलाम : दो साल की बेटी के साथ कर रही कोरोना संक्रमण रोकने के लिए स्क्रीनिंग

जागरूक टाइम्स 150 Apr 1, 2020

देसूरी । जहां कोरोना को लेकर पूरी दुनिया डर में है, वहीं सरकारी अस्पताल में सेवारत एक एएनएम दोहरा फर्ज निभा रही है | एक तरफ संक्रमण के खतरे के साथ ड्यूटी है तो दूसरी तरफ बेटी जाग्रति का फर्ज | न ड्यूटी के फर्ज से पीछे हट सकती है, न ही जाग्रति की डोर छोड़ने को तैयार है ये कहानी है उप स्वास्थ्य केन्द्र गांवाडा में कार्यरत एएनएम कैशी चौधरी की | कैशी चौधरी की दो साल की बेटी जाग्रति है जो बाड़मेर जिले के रावतसर गाँव की रहने वाली है | उसके पति कंवराज चौधरी पीएचएस के पद पर ही चिकित्सा विभाग में बाड़मेर में ही सेवाएं दे रहे हैं |

घर-घर समझाइश
विदेश यात्रा से लौटे लोगों की स्क्रीनिंग व संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए एएनएम कैशी चौधरी के पास दो गाँवो का जिम्मा है गांवाडा व गुडा रामजी का जो बखूबी से नीभा रही है जो अपनी दो साल की मासूम बेटी को गोद में लेकर चलती है और लोगों का स्क्रीनिंग कर जांच करती है इस दौरान अपनी मासूम बेटी की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखती है |

एएनएम बोली लोगों के बीच जाकर उन्हें बचाना मेरा फर्ज
संक्रमण के खतरे के बावजूद जब बेटी को साथ में रखने के बारे में पूछा तो एएनएम ने कहा कि मैं मेरी बेटी को अकेले नहीं छोड़ सकती तथा कोरोना संक्रमण के खतरे से लोग डरे हुए हैं तो ऐसे लोगों के बीच जाकर उन्हें बचाना मेरा फर्ज है में न ड्यूटी का फर्ज छोड़ सकती न ही जाग्रति मेरी बेटी को अकेले छोड़ने की इजाजत दे सकती



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