शिवगंज पालिकाध्यक्षा कंचन सोलंकी दूसरी बार निलम्बित

जागरूक टाइम्स 252 Oct 15, 2019

- राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी कर न्यायिक जांच प्रभावित किये जाने की आशंका को लेकर तुरन्त प्रभाव से अध्यक्ष एवं सदस्य के पद से निलम्बित किया

शिवगंज । स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं संयुक्त सचिव डॉ. प्रवीण कुमार की ओर से जारी आदेश के तहत शिवगंज नगरपालिका अध्यक्षा श्रीमति कंचन सोलंकी को सोमवार को पुन: निलम्बित कर दिया गया है। राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी किए गए निलम्बन आदेश को स्थगन आदेश द्वारा निरस्त कर दिया गया था। निलम्बन आदेश के निरस्त किए जाने के ११ दिनों बाद राज्य सरकार ने पूर्व के आदेश को प्रत्याहारित करते हुए उनके खिलाफ चल रही न्यायिक जांच प्रभावित होने की आशंका जाहिर करते हुए निलम्बित कर दिया है।

न्यायिक जांच प्रभावित किये जाने की आशंका
स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान जयपुर के निदेशक एवं संयुक्त सचिव डॉ. प्रवीण कुमार द्वारा जारी आदेश में बताया कि पालिकाध्यक्षा श्रीमति कंचन सोलंकी के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों के संबंध में विभाग द्वारा जिला कलेक्टर सिरोही को उपखंड अधिकारी शिवगंज से जांच करवाकर जांच रिपोर्ट भेजने के आदेश दिये गये। इस क्रम में जिला कलेक्टर सिरोही ने पत्र दिनांक १९ अगस्त २०१९ के साथ उपखंड अधिकारी शिवगंज द्वारा की गई जांच रिपोर्ट दिनांक ९ अगस्त २०१९ प्रेषित की। उक्त जांच में सोलंकी द्वारा प्रथम दृष्टया अनियमितता किये जाने की रिपोर्ट दी गई। इस आधार पर विभाग द्वारा सोलंकी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतू नोटिस दिनांक २९ अगस्त को जारी किया गया।

आदेश में बताया कि आरोपी सोलंकी द्वारा अपना स्पष्टीकरण विभाग में १७ सितम्बर को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में एसबी सिविल रिट पिटीशन संख्या १४०४०/२०१९ कंचन सोलंकी बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा पारित निर्णय ४ अक्टूबर में दिये गये आदेश के क्रम में सोलंकी के प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण किया गया तथा तथ्यों एवं दस्तावेजों का परिशीलन किया गया। सोलंकी के विरूद्ध लगाये गये आरोप गंभीर प्रकृति के पाये जाने के कारण राज्य सरकार द्वारा न्यायिक जांच करवाने हेतू ११ अक्टूबर को प्रकरण प्रेषित किया गया जिसमें प्रथम दृष्टया पाई गयी अनियमितताओं को स्पष्ट किया गया। आदेश में बताया कि सोलंकी के पद पर बने रहने से न्यायिक जांच प्रभावित किये जाने की आशंका है जिससे सोलंकी को अध्यक्ष एवं सदस्य के पद से तुरन्त प्रभाव से निलम्बित किया गया है।

इन आरोपों के तहत हुई कार्यवाही
आदेश के अनुसार आरोप संख्या 1 के प्रकरण में जगदीश पुत्र दरियाब पुरी को २५ मई २०१५ को जारी किये गये नियमन के पट्टे के प्रकरण में नगरपालिका पत्रावली के अनुसार ३१ दिसम्बर १९९१ तक के कब्जों के नियमन के विभागीय परिपत्र १ जनवरी २००२ के तहत नियमन किया गया लेकिन प्रश्नगत नियमन में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं होना रिकार्ड से जाहिर होता है। आरोप संख्या 2 के प्रकरण में आरोपी द्वारा राजेन्द्र पुरी को खांचा भूमि विक्रय करने के प्रकरण में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं होना जाहिर होता है। उक्त दोनों आरोपों को लेकर सोलंकी के विरूद्ध निलम्बन की कार्यवाही की गई।

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