सिरोही : 'कोरोना वायरस' पर भारी पड़ रहा 'लॉकडाउन'

जागरूक टाइम्स 349 Mar 30, 2020

जागरूक टाइम्स संवाददाता

सिरोही। सिरोही समेत पूरे जिले में 'कोरोना वायरसÓ पर 'लॉकडाउनÓ भारी पड़ रहा है। 'कोरोनाÓ के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के आरंभ में एक-दो दिन लोगों ने इसके उल्लंघन के प्रयास किए, पर बाद में लोगों को इस महामारी के भयावह नतीजों के बारे में पता लगते ही उन्होंने इसकी पूरी पालना शुरू कर दी और आज हालात ये है कि लोगों ने स्वत: ही अनावश्यक रूप से किसी भी सूरत में घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है। घरों में कैद रहने से शहर, कस्बे व गांव राउंड-द-क्लॉक वीरान नजर आ रहे हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। 

लोग महज सब्जी, दूध, फल, रोजमर्रा के सामान सरीखी आवश्यक वस्तुएं लेने के लिए ही सुबह-सुबह गिनी-चुनी संख्या में बाहर निकलते हैं और तुरंत ही वापस घर लौटकर अपने आपको घरों में कैद कर लेते हैं। हालांकि कई लोग जरूरी दवाइयां लेने मेडिकल स्टोर जाते हैं। छोटी-मोटी बीमारी में अब करीब-करीब अस्पताल जाना भी बंद कर दिया है। अत्यावश्यक या गंभीर बीमारी में अस्पताल चले जाएं तो ठीक, वरना अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करने लगे हैं। यदि कोई सामान लेने जाते हैं तो वहां भी 'सोशल डिस्टेंसÓ के सिद्धांत का पालन करने में कोई कोताही नहीं बरतते। आरंभ के दो-तीन दिन को लोगों को घरों से बाहर निकलने में भारी मशक्कत करने के बाद अब पुलिस को भी कोई खास मशक्कत नहीं करनी पड़ रही है।

राज्य सरकार ने एहतियात बरतते हुए आगामी दिनों में कोरोना की स्थिति से निपटने में सिरोही के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की मदद के लिए उदयपुर स्थित आरएनटी मेडिकल के इन्टर्नशिप करने वाले पचास डाक्टरों की टीम सिरोही भेजी है। इन सभी डाक्टरों को फिलहाल पावापुरी जीव मैत्री धाम में ठहराया गया है। जैसे-जैसे जिले के ग्रामीण इलाकों में डाक्टरों की जरूरत रहेगी, उन्हें वहां-वहां भेजा जाएगा। 

केपी संघवी परिवार व ट्रस्ट ने तैयार करवाए 2600 किट्स
उधर, केपी संघवी परिवार ने जरूरतमंदों के लिए खाद्य सामग्री के एक हजार व पावापुरी ट्रस्ट मंडल ने सोलह सौ किट्स तैयार करवाए हैं। प्रत्येक में मूंगदाल, सरसों का तेल, चावल, नमक, चीनी, चाय पत्ती, मिर्च, हल्दी, आटा, घी, गुड़ समेत ग्यारह आइटम पैक किए गए हैं। ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने बताया कि ये तमाम किट्स जिला कलक्टर भगवती प्रसाद को सुपुर्द किए जाएंगे और जिला प्रशासन अपनी टीम के जरिए इन्हें जरूरतमंदों को वितरित करवाएगी।

लॉकडाउन में ये सेवाएं भी जिला प्रशासन के विचाराधीन
लॉकडाउन के दौरान खाद्य-आपूर्ति के मोर्चे पर स्थिति को सुगम बनाए रखने के लिए ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन की ओर से भेजे गए संदेश के प्रत्युत्तर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिक्त पड़े जिला रसद अधिकारी का पद भर दिया। जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन एक व्हॉट्स नंबर भी जारी करने पर विचार कर रहा है, जिस पर लॉकडाउन के दौरान किसी तरह की दिक्कत होने पर लोग अपनी समस्या भेज सकेंगे। सही समस्या होने पर प्रशासन उसका त्वरित निराकरण करवाएगी। यदि समस्या से संबंधित शिकायत गलत पाई गई तो भेजने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। अस्पताल में भी बीमारियों को तीन कैटेगरी में बांटने पर विचार किया जा रहा है, ताकि संबंधित कैटेगरी वाले को संबंधित ओपीडी में ही भेजा जा सके। 

इक्का-दुक्का वाहनों को छोड़कर सड़कों पर सन्नाटा
गुजरात से सटी सीमा सील होने से अव्वल तो बाहर से वाहन नहीं आ रहे हैं और जो आ रहे हैं वे या तो आवश्यक सेवाओं से जुड़े हुए हैं या फिर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में लगे हुए हैं। जिले से होकर मेगा, स्टेट व नेशनल हाइवे से इक्का-दुक्का भारी वाहन या पुलिस-प्रशासन या आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहन गुजरते जरूर दिखाई देते हैं। सिरोही, शिवगंज, पिंडवाड़ा, सरूपगंज, आबूरोड, माउंट आबू, रेवदर, मंडार, जावाल, कालन्द्री आदि में अनावश्यक रूप से बाइकर्स बाहर नहीं निकलने से सड़कों पर चौबीसों घंटे सन्नाटा पसरा रहता है।

आला अधिकारियों ने जाने जमीनी स्तर के हाल-चाल
उधर, जिला कलक्टर भगवती प्रसाद व पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा भी लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंस, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, क्वारोन्टाइन व आइसोलेट किए लोगों आदि के बार में जमीनी स्तर की हकीकत जानने के लिए रविवार को फील्ड में उतरे। वे सरूपगंज, भावरी सरीखे कस्बों में गए और वहां ग्रास रूट लेवल पर स्थिति का जायजा लिया। 

जहां तक दिहाड़ी व मजदूरी गंवाने वालों की बात है...
जहां तक लॉकडाउन से दिहाड़ी व मजदूरी गंवाने वालों, श्रमिकों, बेबस व जरूरतमंदों की बात है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुसार 'कोई भूखा न सोएÓ इसके लिए कई धार्मिक, स्वयंसेवी, सामाजिक व सेवाभारी संगठन, राजनीतिक दल व जनप्रतिनिधि जरूरतमंदों को खाना व रोजमर्रा का जरूरी सामान मुहैया कराने के मानवतावादी सेवा कार्य में मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। ये सभी लोग जिला प्रशासन व पुलिस के मार्फत जरूरतमंदों तक यह सामग्री पहुंचा रहे हैं। उधर, जिला प्रशासन ने भी रोजमर्रा का सामान लोगों के डोर स्टेप तक पहुंचाने का सिलसिला शुरू कर दिया है, जिससे लगता है कि अब लोगों को छोटा-मोटा सामान लेने के लिए भी बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

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