वैलंटाइंस डे पर राहुल गांधी ने पढ़ाया प्यार का पाठ

जागरूक टाइम्स 741 Feb 14, 2019

अजमेर (ईएमएस)। राजस्थान में अजमेर में कांग्रेस सेवादल के महाधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर ‎निशाना साधा। उन्होंने कहा, देश में इस वक्त विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ देश में भाजपा और आरएसएस की विचारधारा है तो दूसरी ओर कांग्रेस की।' उन्होंने आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि वे देश में नफरत फैलाते हैं। राहुल ने कहा, सुबह हाफ पैंट पहनकर लाठी उठाते हैं और हम देश को जोड़ने का काम करते हैं।

राहुल ने कहा, हम प्यार और मोहब्बत से काम करते हें। ये दोनों में बेसिक फर्क है। मोदी जी बड़े-बड़े भाषण देते हैं कि देश को बदलना है। 70 साल में कुछ नहीं हुआ। मतलब गांधी जी ने कुछ नहीं किया, सरदार पटेल ने कुछ नहीं किया, जवाहर लाल नेहरू, आंबेडकर, देश के मजदूर, देश की जनता, देश के किसान किसी ने कुछ नहीं किया। राहुल यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा, उन्हें ये भी समझ नहीं आता कि जब वे ऐसे बोल रहे हैं तो कांग्रेस को बदनाम नहीं कर रहे बल्कि देश की जनता का अपमान है ।

राहुल ने कहा, इनके लिए (बीजेपी) हिंदुस्तान प्रॉडक्ट है हमारे लिए समंदर हैं, इसमें सब लोग हैं। एक साथ ये मिलकर चलता है।' उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी जी डर को छुपाने के लिए नफरत दिखाते हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि डरो मत इस देश में किसी को डरने की जरूरत नहीं है यह देश नफरत का देश नहीं है। यह देश प्यार का देश है नफरत को नफरत नहीं, प्यार से ही काट सकता है।'

उन्होंने कहा, आपने संसद में देखा, एक तरफ नरेंद्र मोदी मेरे परिवार के बारे में, मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं। गाली देते हैं पूरी कांग्रेस पार्टी का अपमान करते हैं, वह कहते हैं कि कांग्रेस को मिटा दूंगा और कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष लोकसभा में जाकर उनके गले लगता है। मैं आपको बता रहा हूं कि जब मैं मोदी जी के गले मिला मेरे दिल में उनके लिए नफरत नहीं थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा आपने उनका चेहरा देखा होगा। भाई, नफरत को नफरत नहीं काट सकती।

नफरत को प्यार ही काट सकता है। मैं अनुभव से बता रहा हूं कि जब मैं उनके गले मिला तो उनके अंदर जो नफरत थी उस नफरत को मेरे प्यार ने दबा लिया। राहुल ने नफरत को डर का दूसरा रूप बताया और कहा कि डर के बिना नफरत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, अंग्रेजों ने सेवादल को 1927 में बैन किया। गांधीजी और हमारे नेता सालों जेल में रहे लेकिन किसी ने माफी नहीं मांगी, सिवाय सावरकर के। सावरकर ने एक के बाद एक नौ बार अंग्रेजों से माफी मांगी, डर को नहीं मिटा पाए। गांधीजी ने उस डर को मिटाया। उन्होंने कहा, ‘भले ही भाजपा और मोदी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हों लेकिन हम 2019 में उन्हें हराएंगे, हम उन्हें मिटाएंगे नहीं। खत्म नहीं करेंगे, कत्ल नहीं करेंगे।


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